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Months Name in Sanskrit – संस्कृत में महीनों के नाम

संस्कृत में महीनों के नाम हिंदू पंचांग (चंद्र कैलेंडर) पर आधारित हैं। एक वर्ष में बारह महीने होते हैं, जो चैत्र से आरंभ होकर फाल्गुन पर समाप्त होते हैं। ये नाम नक्षत्रों के आधार पर रखे गए हैं। इस लेख में संस्कृत के बारह महीनों के नाम उनके हिंदी और अंग्रेज़ी समकक्ष महीनों के साथ दिए गए हैं, जो विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं।

Question (Click to Flip)

संस्कृत में 12 महीनों के नाम क्या हैं?

Answer

संस्कृत में बारह महीनों के नाम हैं – चैत्रः, वैशाखः, ज्येष्ठः, आषाढः, श्रावणः, भाद्रपदः, आश्विनः, कार्तिकः, मार्गशीर्षः, पौषः, माघः और फाल्गुनः। वर्ष चैत्र मास से आरंभ होता है।

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Key Facts

संस्कृत वर्ष चैत्र मास से आरंभ होकर फाल्गुन मास पर समाप्त होता है।

12 महीने: चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ, श्रावण, भाद्रपद।

शेष महीने: आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।

ये महीने नक्षत्रों के आधार पर नामित हैं।

बारह महीने मिलकर छह ऋतुएँ बनाते हैं।

मार्गशीर्ष को 'अग्रहायण' भी कहते हैं।

हिंदू नववर्ष चैत्र मास में आता है।

संस्कृत में 12 महीनों के नाम

संस्कृत महीना | अंग्रेज़ी (लगभग) समय

  1. चैत्रः – मार्च–अप्रैल
  2. वैशाखः – अप्रैल–मई
  3. ज्येष्ठः – मई–जून
  4. आषाढः – जून–जुलाई
  5. श्रावणः – जुलाई–अगस्त
  6. भाद्रपदः (भाद्रः) – अगस्त–सितम्बर
  7. आश्विनः – सितम्बर–अक्टूबर
  8. कार्तिकः – अक्टूबर–नवम्बर
  9. मार्गशीर्षः (अग्रहायणः) – नवम्बर–दिसम्बर
  10. पौषः – दिसम्बर–जनवरी
  11. माघः – जनवरी–फरवरी
  12. फाल्गुनः – फरवरी–मार्च

हिंदू पंचांग का वर्ष चैत्र मास से आरंभ होता है।

ऋतुओं के अनुसार महीने

संस्कृत के बारह महीनों को छह ऋतुओं में बाँटा गया है (दो-दो महीने की एक ऋतु):

  1. वसन्त ऋतु – चैत्र, वैशाख
  2. ग्रीष्म ऋतु – ज्येष्ठ, आषाढ
  3. वर्षा ऋतु – श्रावण, भाद्रपद
  4. शरद् ऋतु – आश्विन, कार्तिक
  5. हेमन्त ऋतु – मार्गशीर्ष, पौष
  6. शिशिर ऋतु – माघ, फाल्गुन

इस प्रकार बारह महीने मिलकर छह ऋतुएँ बनाते हैं।

ध्यान देने योग्य बातें

  1. संस्कृत के ये महीने चंद्र-आधारित (चांद्र मास) हैं, इसलिए ये अंग्रेज़ी (सौर) महीनों से ठीक मेल नहीं खाते; ऊपर दिया गया समय लगभग है।
  2. हिंदू नववर्ष चैत्र मास में आता है (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा)।
  3. कुछ महीनों के दो नाम भी प्रचलित हैं, जैसे मार्गशीर्ष को 'अग्रहायण' भी कहते हैं।
  4. त्योहार इन्हीं महीनों के अनुसार मनाए जाते हैं, जैसे श्रावण में रक्षाबन्धन, कार्तिक में दीपावली।

Questions and Answers

संस्कृत में 12 महीनों के नाम क्या हैं?+

संस्कृत में बारह महीनों के नाम हैं – चैत्रः, वैशाखः, ज्येष्ठः, आषाढः, श्रावणः, भाद्रपदः, आश्विनः, कार्तिकः, मार्गशीर्षः, पौषः, माघः और फाल्गुनः। वर्ष चैत्र मास से आरंभ होता है।

संस्कृत वर्ष का पहला महीना कौन-सा है?+

संस्कृत (हिंदू पंचांग) वर्ष का पहला महीना 'चैत्रः' है, जो अंग्रेज़ी के मार्च–अप्रैल के लगभग आता है। हिंदू नववर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है।

संस्कृत के महीने किस आधार पर बाँटे गए हैं?+

संस्कृत के बारह महीनों को दो-दो महीने की छह ऋतुओं में बाँटा गया है – वसन्त (चैत्र, वैशाख), ग्रीष्म (ज्येष्ठ, आषाढ), वर्षा (श्रावण, भाद्रपद), शरद् (आश्विन, कार्तिक), हेमन्त (मार्गशीर्ष, पौष) और शिशिर (माघ, फाल्गुन)।

श्रावण और कार्तिक मास में कौन-से त्योहार आते हैं?+

श्रावण मास में रक्षाबन्धन जैसे त्योहार आते हैं, और कार्तिक मास में दीपावली मनाई जाती है। संस्कृत/हिंदू पंचांग के महीनों के अनुसार ही भारतीय त्योहार निश्चित होते हैं।

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