Study Guides/Sanskrit/Lrit Lakar in Sanskrit
Study Guide · Sanskrit

लृट् लकार – संस्कृत भविष्यत् काल (Lrit Lakar in Sanskrit)

लृट् लकार संस्कृत का भविष्यत् काल (Future Tense) है। जब कोई कार्य आने वाले समय में होगा, तो लृट् लकार का प्रयोग किया जाता है। इसमें धातु के साथ 'स्य' प्रत्यय जोड़कर रूप बनाया जाता है। लृट् लकार के संकेत शब्द हैं: श्वः (कल), परश्वः (परसों), अग्रे (आगे), भविष्ये (भविष्य में)।

Question (Click to Flip)

लृट् लकार किस काल का प्रतिनिधित्व करता है?

Answer

लृट् लकार भविष्यत् काल (Future Tense) का प्रतिनिधित्व करता है। जब कोई कार्य आने वाले समय में होगा, तो लृट् लकार का प्रयोग किया जाता है।

Card 1 of 3 free previews

Key Facts

लृट् लकार = भविष्यत् काल (Future Tense)

पहचान: 'गा/गी/गे' – जैसे 'पढ़ेगा'

प्रत्यय: धातु + स्य + ति/तः/न्ति आदि

संकेत शब्द: श्वः (कल), परश्वः (परसों), भविष्ये

भू → भविष्यति; पठ् → पठिष्यति; गम् → गमिष्यति

इ-आगम: अधिकांश धातुओं में 'इ' जोड़कर 'स्य' लगाते हैं

लिख् → लेखिष्यति (गुण होता है: इ→ए)

परस्मैपद और आत्मनेपद दोनों रूप होते हैं

लृट् लकार की पहचान

लृट् लकार = भविष्यत् काल (Future Tense) प्रश्न: कार्य कब होगा? → आगे होगा → लृट् लकार

संकेत शब्द (Signal Words):

  • श्वः = कल (आने वाला)
  • परश्वः = परसों
  • अग्रे = आगे
  • भविष्ये = भविष्य में
  • अनागते = भविष्य में
  • शीघ्रम् = जल्दी (संदर्भानुसार)

हिंदी अनुवाद पहचान: 'गा', 'गी', 'गे' → लृट् लकार जैसे: पढ़ेगा, जाएगा, खाएगी

लृट् लकार के प्रत्यय (Parasmaipada)

लृट् लकार में धातु के बाद 'स्य' जोड़कर फिर ये प्रत्यय लगाए जाते हैं:

एकवचन (Singular) | द्विवचन (Dual) | बहुवचन (Plural)

प्रथम पुरुष (He/She/It): स्यति | स्यतः | स्यन्ति मध्यम पुरुष (You): स्यसि | स्यथः | स्यथ उत्तम पुरुष (I/We): स्यामि | स्यावः | स्यामः

नियम: धातु + 'स्य' + ति/तः/न्ति/सि/थः/थ/मि/वः/मः लेकिन ध्यान दें: अंतिम प्रत्यय वही हैं जो लट् लकार में हैं।

भू धातु (√भू = होना) – लृट् लकार

भू → भविष्य में: भू + स्य + प्रत्यय

प्रथम पुरुष: भविष्यति | भविष्यतः | भविष्यन्ति मध्यम पुरुष: भविष्यसि | भविष्यथः | भविष्यथ उत्तम पुरुष: भविष्यामि | भविष्यावः | भविष्यामः

नोट: भू → भव् (Guṇa) → भविष्य् (स्य जोड़ने पर) उदाहरण वाक्य:

  • सः श्वः विद्यालयं गमिष्यति। (वह कल विद्यालय जाएगा।)
  • अहं परश्वः पठिष्यामि। (मैं परसों पढूँगा।)

पठ् धातु (√पठ् = पढ़ना) – लृट् लकार

पठ् → लृट् लकार रूप:

प्रथम पुरुष: पठिष्यति | पठिष्यतः | पठिष्यन्ति मध्यम पुरुष: पठिष्यसि | पठिष्यथः | पठिष्यथ उत्तम पुरुष: पठिष्यामि | पठिष्यावः | पठिष्यामः

नोट: पठ् → पठिष्य (इ-आगम होता है स्य से पहले) उदाहरण:

  • बालकः श्वः पठिष्यति। (बालक कल पढ़ेगा।)
  • वयं भविष्ये पठिष्यामः। (हम भविष्य में पढ़ेंगे।)

गम् धातु (√गम् = जाना) – लृट् लकार

गम् → लृट् लकार रूप:

प्रथम पुरुष: गमिष्यति | गमिष्यतः | गमिष्यन्ति मध्यम पुरुष: गमिष्यसि | गमिष्यथः | गमिष्यथ उत्तम पुरुष: गमिष्यामि | गमिष्यावः | गमिष्यामः

नोट: गम् → गमिष्य (म् से पहले इ-आगम) उदाहरण:

  • ते नगरं गमिष्यन्ति। (वे नगर जाएँगे।)
  • त्वं कुत्र गमिष्यसि? (तुम कहाँ जाओगे?)

खाद् धातु (√खाद् = खाना) – लृट् लकार

खाद् → लृट् लकार रूप:

प्रथम पुरुष: खादिष्यति | खादिष्यतः | खादिष्यन्ति मध्यम पुरुष: खादिष्यसि | खादिष्यथः | खादिष्यथ उत्तम पुरुष: खादिष्यामि | खादिष्यावः | खादिष्यामः

उदाहरण:

  • सः श्वः फलं खादिष्यति। (वह कल फल खाएगा।)
  • अहं श्वः मोदकं खादिष्यामि। (मैं कल मोदक खाऊँगा।)

लिख् धातु (√लिख् = लिखना) – लृट् लकार

लिख् → लृट् लकार रूप:

प्रथम पुरुष: लेखिष्यति | लेखिष्यतः | लेखिष्यन्ति मध्यम पुरुष: लेखिष्यसि | लेखिष्यथः | लेखिष्यथ उत्तम पुरुष: लेखिष्यामि | लेखिष्यावः | लेखिष्यामः

नोट: लिख् → लेख् (गुण: इ→ए) → लेखिष्य उदाहरण:

  • छात्रः श्वः पत्रं लेखिष्यति। (छात्र कल पत्र लिखेगा।)
  • युवां श्वः किम् लेखिष्यथः? (तुम दोनों कल क्या लिखोगे?)

लृट् लकार के उदाहरण वाक्य

  1. सः श्वः विद्यालयं गमिष्यति। = वह कल विद्यालय जाएगा।
  2. अहं भविष्ये वैद्यः भविष्यामि। = मैं भविष्य में डॉक्टर बनूँगा।
  3. वयं परश्वः नगरं गमिष्यामः। = हम परसों नगर जाएँगे।
  4. त्वं श्वः किं पठिष्यसि? = तुम कल क्या पढ़ोगे?
  5. बालकाः श्वः क्रीडाङ्गणे क्रीडिष्यन्ति। = बालक कल मैदान में खेलेंगे।
  6. सा श्वः पाकं करिष्यति। = वह कल खाना बनाएगी।
  7. ते परश्वः देवालयं गमिष्यन्ति। = वे परसों मंदिर जाएँगे।

सभी पाँच लकारों की तुलना

लट् लकार = वर्तमान काल (Present)

  • सः पठति। (वह पढ़ता है।)

लङ् लकार = भूतकाल (Past)

  • सः अपठत्। (उसने पढ़ा।)

लोट् लकार = आज्ञार्थ (Imperative)

  • सः पठतु। (वह पढ़े।)

विधिलिङ् लकार = विध्यर्थ (Should)

  • सः पठेत्। (उसे पढ़ना चाहिए।)

लृट् लकार = भविष्यत् काल (Future)

  • सः पठिष्यति। (वह पढ़ेगा।)

Questions and Answers

लृट् लकार किस काल का प्रतिनिधित्व करता है?+

लृट् लकार भविष्यत् काल (Future Tense) का प्रतिनिधित्व करता है। जब कोई कार्य आने वाले समय में होगा, तो लृट् लकार का प्रयोग किया जाता है।

लृट् लकार के संकेत शब्द कौन से हैं?+

लृट् लकार के संकेत शब्द: श्वः (कल), परश्वः (परसों), अग्रे (आगे), भविष्ये (भविष्य में), अनागते (भविष्य में)। हिंदी में 'गा/गी/गे' से पहचानते हैं।

लृट् लकार में 'स्य' प्रत्यय का क्या महत्व है?+

लृट् लकार में धातु के साथ 'स्य' प्रत्यय जोड़कर भविष्यत् रूप बनाया जाता है। जैसे: पठ् + इ + स्य = पठिष्य, फिर आगे ति/तः/न्ति आदि लगते हैं।

पठ् धातु का लृट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन क्या है?+

पठ् धातु का लृट् लकार प्रथम पुरुष एकवचन 'पठिष्यति' है। अर्थ: वह पढ़ेगा।

लृट् लकार में भू धातु का उत्तम पुरुष एकवचन क्या है?+

भू धातु का लृट् लकार उत्तम पुरुष एकवचन 'भविष्यामि' है। अर्थ: मैं होऊँगा/बनूँगा।

गम् धातु के लृट् लकार का बहुवचन क्या है?+

गम् धातु के लृट् लकार में प्रथम पुरुष बहुवचन 'गमिष्यन्ति' है (वे जाएँगे), मध्यम पुरुष बहुवचन 'गमिष्यथ' है (तुम सब जाओगे), उत्तम पुरुष बहुवचन 'गमिष्यामः' है (हम जाएँगे)।

लृट् लकार और लट् लकार में क्या अंतर है?+

लट् लकार वर्तमान काल (Present) है: सः पठति (वह पढ़ता है)। लृट् लकार भविष्यत् काल (Future) है: सः पठिष्यति (वह पढ़ेगा)। लृट् में 'स्य' प्रत्यय जोड़ा जाता है।

'सः श्वः नगरं गमिष्यति' का हिंदी अनुवाद क्या है?+

'सः श्वः नगरं गमिष्यति' का हिंदी अनुवाद है: 'वह कल नगर जाएगा।' श्वः = कल (आने वाला), गमिष्यति = जाएगा (गम् धातु, लृट् लकार)।

लिख् धातु का लृट् लकार में गुण क्यों होता है?+

लिख् धातु में 'इ' स्वर है। लृट् लकार में 'स्य' प्रत्यय जोड़ने से पहले गुण (इ→ए) होता है: लिख् → लेख् → लेखिष्यति। यह संस्कृत में आयाम (Strengthening of root vowel) का नियम है।

लृट् लकार की प्रथम पुरुष बहुवचन क्रिया की पहचान क्या है?+

लृट् लकार में प्रथम पुरुष बहुवचन में 'स्यन्ति' प्रत्यय होता है: पठिष्यन्ति (वे पढ़ेंगे), गमिष्यन्ति (वे जाएँगे), भविष्यन्ति (वे होंगे)। यह पहचान का आसान तरीका है।

More in Sanskrit

Study Smarter with Shinyu.ai

Turn this guide into revision flashcards, a practice exam, or an AI-generated podcast — free, no signup required.