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Leave Application in Sanskrit – अवकाश-प्रार्थना-पत्रम् (नमूना)

संस्कृत में अवकाश के लिए लिखे जाने वाले प्रार्थना पत्र को 'अवकाश-प्रार्थना-पत्रम्' कहते हैं। विद्यालय या कार्यालय से छुट्टी लेने के लिए प्रधानाचार्य या अधिकारी को यह औपचारिक पत्र लिखा जाता है। नीचे बीमारी (ज्वर) के कारण तथा आवश्यक कार्य के कारण अवकाश हेतु संस्कृत में प्रार्थना पत्र के नमूने, उनका प्रारूप तथा कुछ उपयोगी शब्द दिए गए हैं, जो विद्यार्थियों के लिए सहायक होंगे।

Question (Click to Flip)

संस्कृत में अवकाश प्रार्थना पत्र कैसे लिखें?

Answer

संस्कृत में अवकाश प्रार्थना पत्र इस प्रकार लिखा जाता है – सबसे ऊपर 'सेवायाम्' तथा 'प्रधानाचार्यमहोदयः' और विद्यालय का नाम लिखें; फिर 'विषयः – अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्' लिखें; 'महोदय' से सम्बोधन करें; 'सविनयं निवेदनम् अस्ति यत्...' से मुख्य भाग आरंभ करें और अवकाश का कारण लिखें; अंत में 'भवदीयः शिष्यः', नाम, कक्षा और दिनाङ्कः लिखें।

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Key Facts

संस्कृत में अवकाश पत्र को 'अवकाश-प्रार्थना-पत्रम्' कहते हैं।

पत्र का आरंभ 'सेवायाम्' तथा 'प्रधानाचार्यमहोदयः' से होता है।

विषय लिखा जाता है – अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

सम्बोधन – 'महोदय' से किया जाता है।

मुख्य भाग 'सविनयं निवेदनम् अस्ति यत्...' से आरंभ होता है।

अंत में 'भवदीयः शिष्यः', नाम, कक्षा और दिनाङ्कः लिखा जाता है।

अवकाशः = छुट्टी, ज्वरः = बुखार, निवेदनम् = निवेदन।

अवकाश प्रार्थना पत्र का प्रारूप

संस्कृत में औपचारिक प्रार्थना पत्र का सामान्य प्रारूप इस प्रकार होता है:

  1. सेवायाम् (जिसे पत्र लिखा जा रहा है)
  2. प्रधानाचार्यमहोदयः / प्रधानाध्यापकमहोदयः
  3. विद्यालयस्य नाम तथा स्थानम्
  4. विषयः – अवकाश-प्रार्थना-पत्रम्
  5. सम्बोधनम् – महोदय / मान्यवर
  6. निवेदनम् (पत्र का मुख्य भाग)
  7. भवदीयः / भवदीया शिष्यः / शिष्या
  8. नाम, कक्षा, दिनाङ्कः

नमूना 1 – ज्वर (बीमारी) हेतु अवकाश पत्र

सेवायाम्, प्रधानाचार्यमहोदयः, ___ विद्यालयः, ___ नगरम्।

विषयः – अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय, सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् अहम् अद्य ज्वरपीडितः अस्मि। अतः अहं विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि। कृपया मह्यम् अद्य (एकदिनस्य) अवकाशं दातुं कृपां कुर्वन्तु। अहं भवतां महती कृपा मन्ये।

भवदीयः शिष्यः, ___ (नाम) कक्षा – ___ दिनाङ्कः – ___

नमूना 2 – आवश्यक कार्य हेतु अवकाश पत्र तथा उपयोगी शब्द

नमूना 2: सेवायाम्, प्रधानाचार्यमहोदयः, ___ विद्यालयः।

विषयः – अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्।

महोदय, सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् मम गृहे एकम् आवश्यकं कार्यम् अस्ति। अतः अहं द्वौ दिनौ (___ तः ___ पर्यन्तम्) विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि। कृपया मह्यं द्विदिनस्य अवकाशं ददातु।

भवदीयः शिष्यः, ___ (नाम), कक्षा – ___, दिनाङ्कः – ___

उपयोगी शब्द: • अवकाशः = छुट्टी • प्रार्थनापत्रम् = प्रार्थना पत्र • ज्वरः = बुखार • निवेदनम् = निवेदन • कृपया = कृपया • शिष्यः/शिष्या = छात्र/छात्रा • दिनाङ्कः = दिनांक

Questions and Answers

संस्कृत में अवकाश प्रार्थना पत्र कैसे लिखें?+

संस्कृत में अवकाश प्रार्थना पत्र इस प्रकार लिखा जाता है – सबसे ऊपर 'सेवायाम्' तथा 'प्रधानाचार्यमहोदयः' और विद्यालय का नाम लिखें; फिर 'विषयः – अवकाशार्थं प्रार्थनापत्रम्' लिखें; 'महोदय' से सम्बोधन करें; 'सविनयं निवेदनम् अस्ति यत्...' से मुख्य भाग आरंभ करें और अवकाश का कारण लिखें; अंत में 'भवदीयः शिष्यः', नाम, कक्षा और दिनाङ्कः लिखें।

ज्वर (बीमारी) के कारण संस्कृत में अवकाश पत्र का नमूना क्या है?+

नमूना – 'महोदय, सविनयं निवेदनम् अस्ति यत् अहम् अद्य ज्वरपीडितः अस्मि। अतः अहं विद्यालयम् आगन्तुं न शक्नोमि। कृपया मह्यम् अद्य एकदिनस्य अवकाशं दातुं कृपां कुर्वन्तु।' इसके बाद 'भवदीयः शिष्यः', नाम, कक्षा एवं दिनाङ्कः लिखा जाता है।

अवकाश पत्र में 'अवकाश' और 'निवेदन' के लिए संस्कृत शब्द क्या हैं?+

अवकाश के लिए संस्कृत शब्द 'अवकाशः' है और निवेदन के लिए 'निवेदनम्' है। 'प्रार्थना पत्र' को संस्कृत में 'प्रार्थनापत्रम्', 'बुखार' को 'ज्वरः', तथा 'छात्र' को 'शिष्यः' कहते हैं।

संस्कृत प्रार्थना पत्र का आरंभ और अंत किन शब्दों से होता है?+

संस्कृत प्रार्थना पत्र का आरंभ 'सेवायाम्, प्रधानाचार्यमहोदयः' से तथा सम्बोधन 'महोदय' से होता है। अंत में 'भवदीयः शिष्यः' (छात्रा के लिए 'भवदीया शिष्या') लिखकर अपना नाम, कक्षा और दिनाङ्कः लिखा जाता है।

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