Study Guides/Hindi/Adbhut Ras in Hindi
Study Guide · Hindi

अद्भुत रस – परिभाषा, अवयव, उदाहरण (Adbhut Ras in Hindi)

अद्भुत रस हिंदी के नौ रसों में से एक है। इसका स्थायी भाव 'विस्मय' (आश्चर्य) है। जहाँ काव्य में कोई अलौकिक, चमत्कारपूर्ण, या आश्चर्यजनक दृश्य का वर्णन हो और पाठक/श्रोता के हृदय में विस्मय उत्पन्न हो, वहाँ अद्भुत रस होता है। रामायण और महाभारत में देवताओं के चमत्कार, श्रीकृष्ण के विश्वरूप का वर्णन अद्भुत रस के उत्कृष्ट उदाहरण हैं।

Question (Click to Flip)

अद्भुत रस का स्थायी भाव क्या है?

Answer

अद्भुत रस का स्थायी भाव 'विस्मय' है, जिसका अर्थ है आश्चर्य या अचंभा। किसी अलौकिक या चमत्कारपूर्ण घटना को देखकर हृदय में जो आनंदमय आश्चर्य उत्पन्न होता है, वह विस्मय है।

Card 1 of 3 free previews

Key Facts

अद्भुत रस का स्थायी भाव: विस्मय (आश्चर्य)

देवता: ब्रह्मा; वर्ण: पीत (पीला)

आलम्बन: देवता, जादूगर, चमत्कार

अनुभाव: आँखें चौड़ी होना, मुँह खुला रहना, रोमांच

अद्भुत ≠ भयानक (अद्भुत में आनंदमय आश्चर्य है)

विश्वरूप-दर्शन – अद्भुत रस का श्रेष्ठ उदाहरण

प्रमुख कवि: तुलसीदास, सूरदास, जायसी

संचारी भाव: हर्ष, रोमांच, उत्सुकता

अद्भुत रस की परिभाषा

जब काव्य में किसी अलौकिक, अद्वितीय, या चमत्कारपूर्ण घटना का वर्णन हो जिसे पाठक/श्रोता ने पहले कभी न देखा हो और उनके हृदय में 'विस्मय' (आश्चर्य) नामक स्थायी भाव उत्पन्न हो, तब अद्भुत रस की अभिव्यक्ति होती है।

अद्भुत रस के अवयव

स्थायी भाव: विस्मय (आश्चर्य)

आलम्बन विभाव: देवता, जादूगर, असाधारण व्यक्ति, अलौकिक घटना, चमत्कार

उद्दीपन विभाव: अद्भुत दृश्य, असंभव घटना, देवताओं का प्रकट होना, अलौकिक शक्ति का प्रदर्शन

अनुभाव: आँखें चौड़ी होना, मुँह खुला रह जाना, रोमांच होना, स्तब्ध होना, 'वाह!' कहना, खुशी के आँसू

व्यभिचारी/संचारी भाव: हर्ष, उत्सुकता, रोमांच, जड़ता, भ्रम, बेचैनी, आनंद, उत्साह

अद्भुत रस के उदाहरण

उदाहरण 1 (तुलसीदास – रामचरितमानस, विश्वरूप दर्शन): "अखिल ब्रह्मांड में एक तू, निराकार एक तू। त्रिभुवन में व्यापे तू, हे विराट् रूप एक तू।।"

उदाहरण 2 (जायसी – पद्मावत): "पद्मावती मुख देखि उजियारा, दर्पण चाँद उतरि मुख धारा।। सोन सरूप दीपित तन भाई, सब जग मोहि लेई दिखाई।।" (पद्मावती का अप्रतिम सौंदर्य देखकर विस्मय)

उदाहरण 3 (सूरदास – विश्वरूप): "जसोदा हरि पालनै झुलावै। हलरावै, दुलरावै, मल्हावै जोई सोई कछु गावै।"

उदाहरण 4 (आधुनिक उदाहरण): "अचंभे में पड़ गए सब देख, बिन धागे चली सुई एक। जादूगर ने हाथ हिलाया, मोर निकाला, चकित कराया।।" – जादू का चमत्कारपूर्ण दृश्य, विस्मय स्थायी भाव।

अद्भुत रस और भयानक रस में अंतर

अद्भुत रस:

  • स्थायी भाव: विस्मय (आश्चर्य, 'वाह!')
  • प्रतिक्रिया: आनंदमय आश्चर्य, रोमांच
  • कारण: चमत्कार, असाधारण सौंदर्य, अलौकिक शक्ति
  • उदाहरण: विश्वरूप दर्शन, जादू का खेल

भयानक रस:

  • स्थायी भाव: भय (डर)
  • प्रतिक्रिया: काँपना, भागना
  • कारण: खतरनाक जीव, अंधकार, मृत्यु का भय
  • उदाहरण: तूफान, शेर का आक्रमण

मुख्य नियम: आश्चर्य + आनंद → अद्भुत; आश्चर्य + डर → भयानक।

अद्भुत रस के प्रमुख कवि और रचनाएं

  1. तुलसीदास – रामचरितमानस में विश्वरूप-दर्शन, सेतु-निर्माण
  2. सूरदास – कृष्ण की बाललीला के चमत्कार
  3. जायसी – पद्मावत में अद्भुत सौंदर्य वर्णन
  4. कालिदास – मेघदूत में प्रकृति के अद्भुत चित्रण
  5. बाणभट्ट – कादंबरी में अलौकिक घटनाएं

परीक्षा उपयोगी बातें

  1. अद्भुत रस = विस्मय स्थायी भाव
  2. देवता: ब्रह्मा
  3. वर्ण: पीत (पीला)
  4. 'अद्भुत' शब्द का अर्थ: अलौकिक, अचंभे वाला

पहचान:

  • 'वाह', 'अरे', 'ओह', 'आश्चर्य' जैसे शब्द
  • चमत्कार, जादू, देवताओं का प्रकट होना
  • असाधारण घटना जो स्तब्ध करे
  • आनंदमय विस्मय (डर नहीं)

Questions and Answers

अद्भुत रस का स्थायी भाव क्या है?+

अद्भुत रस का स्थायी भाव 'विस्मय' है, जिसका अर्थ है आश्चर्य या अचंभा। किसी अलौकिक या चमत्कारपूर्ण घटना को देखकर हृदय में जो आनंदमय आश्चर्य उत्पन्न होता है, वह विस्मय है।

अद्भुत रस की परिभाषा दीजिए।+

जब काव्य में किसी अलौकिक, चमत्कारपूर्ण, या अद्वितीय घटना का वर्णन हो और पाठक के हृदय में विस्मय (आश्चर्य) उत्पन्न हो, तब अद्भुत रस होता है।

अद्भुत रस का एक उदाहरण दीजिए।+

'अचंभे में पड़ गए सब देख, बिन धागे चली सुई एक।' – यहाँ जादू का चमत्कारपूर्ण दृश्य है और विस्मय स्थायी भाव जागृत है। गीता में कृष्ण का विश्वरूप-दर्शन भी अद्भुत रस का उत्कृष्ट उदाहरण है।

अद्भुत रस और भयानक रस में क्या अंतर है?+

अद्भुत रस में 'विस्मय' स्थायी भाव है – आनंदमय आश्चर्य, 'वाह' की भावना। भयानक रस में 'भय' स्थायी भाव है – डर, काँपना, भागना। यदि आश्चर्य + आनंद है → अद्भुत; यदि आश्चर्य + डर है → भयानक।

अद्भुत रस के अनुभाव कौन से हैं?+

अद्भुत रस के अनुभाव: आँखें चौड़ी होना, मुँह खुला रह जाना, रोमांचित होना, स्तब्ध होना, 'वाह!' कहना, खुशी के आँसू आना। ये सभी विस्मय की बाहरी अभिव्यक्ति हैं।

अद्भुत रस के प्रमुख कवि कौन हैं?+

अद्भुत रस के प्रमुख कवि: तुलसीदास (विश्वरूप दर्शन), सूरदास (कृष्ण की बाललीला), जायसी (पद्मावत में सौंदर्य वर्णन)।

अद्भुत रस के देवता और वर्ण क्या हैं?+

अद्भुत रस के देवता 'ब्रह्मा' हैं। इसका वर्ण 'पीत' (पीला) है।

विश्वरूप दर्शन किस रस का उदाहरण है?+

विश्वरूप दर्शन अद्भुत रस का उत्कृष्ट उदाहरण है। जब अर्जुन ने कृष्ण का विराट विश्वरूप देखा, तो उनके हृदय में विस्मय और आश्चर्य उत्पन्न हुआ। यह अलौकिक, चमत्कारपूर्ण दृश्य अद्भुत रस को जन्म देता है।

अद्भुत रस की पहचान कैसे करें?+

अद्भुत रस की पहचान: 1) 'वाह', 'अरे', 'ओह' जैसे विस्मयादिबोधक शब्द, 2) चमत्कार, जादू, देवताओं का प्रकट होना, 3) असाधारण घटना जो स्तब्ध करे, 4) आनंदमय आश्चर्य (डर नहीं)।

अद्भुत रस के उद्दीपन विभाव कौन से हैं?+

अद्भुत रस के उद्दीपन विभाव: अद्भुत दृश्य, असंभव घटना, देवताओं का प्रकट होना, अलौकिक शक्ति का प्रदर्शन, असाधारण सौंदर्य।

More in Hindi

🇮🇳

उ की मात्रा वाले शब्द

हिंदी व्याकरण: उ (ु) की मात्रा वाले शब्दों की सूची — छोटे, बड़े और वाक्यों में प्रयोग। Class 1, 2, 3 के लिए।

🇮🇳

Unnati Ka Vilom Shabd (उन्नति का विलोम शब्द)

उन्नति का विलोम शब्द जानें। हिंदी व्याकरण में उन्नति (Unnati) का सही विलोम 'अवनति' (Avanati) होता है। वाक्यों में अर्थ और प्रयोग के साथ समझें।

🇮🇳

Apathit Padyansh (अपठित पद्यांश) — Unseen Poem in Hindi

Learn how to solve Apathit Padyansh (अपठित पद्यांश) in Hindi exams. Includes tips, solved examples of unseen poems with questions and answers for Class 6 to 12.

🇮🇳

अपठित काव्यांश — प्रश्न और उत्तर

अपठित काव्यांश अभ्यास: हिंदी कविता पढ़कर प्रश्नों के उत्तर देना। 2 काव्यांश प्रश्न-उत्तर सहित। Class 9-12 हिंदी परीक्षा के लिए।

🇮🇳

उपमा अलंकार: परिभाषा और उदाहरण

हिंदी अलंकार: उपमा अलंकार की परिभाषा, चार अंग (उपमेय, उपमान, वाचक शब्द, साधारण धर्म), और परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण उदाहरण।

Study Smarter with Shinyu.ai

Turn this guide into revision flashcards, a practice exam, or an AI-generated podcast — free, no signup required.