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फल शब्द रूप संस्कृत – सम्पूर्ण विभक्ति तालिका (Phala Shabd Roop)

फल शब्द संस्कृत का अ-कारांत नपुंसकलिंग (Neuter Gender) शब्द है। नपुंसकलिंग शब्दों के रूप पुल्लिंग (राम) से मिलते-जुलते हैं, लेकिन प्रथमा और द्वितीया विभक्ति में अंतर होता है। फल शब्द के रूप पर चलने वाले अन्य शब्द हैं: पुस्तक, वन, जल, पत्र, मित्र, फूल, नगर, गृह।

Question (Click to Flip)

फल शब्द का लिंग क्या है?

Answer

फल शब्द नपुंसकलिंग (Neuter Gender) है। यह अ-कारांत नपुंसकलिंग शब्द है।

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Key Facts

फल: अ-कारांत नपुंसकलिंग शब्द

प्रथमा/द्वितीया एकवचन: फलम्; द्विवचन: फले; बहुवचन: फलानि

नपुंसकलिंग: प्रथमा = द्वितीया (यह विशेषता)

षष्ठी बहुवचन: फलानाम् (फलों का/की/के)

सप्तमी बहुवचन: फलेषु (फलों में)

समान पैटर्न: पुस्तक, वन, जल, पत्र, मित्र, नगर, गृह

तृतीया एकवचन: फलेन (फल से/के द्वारा)

षष्ठी एकवचन: फलस्य (फल का/की/के)

फल शब्द रूप – सम्पूर्ण तालिका

विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन

प्रथमा (कौन/क्या): फलम् | फले | फलानि द्वितीया (को): फलम् | फले | फलानि तृतीया (से/के द्वारा): फलेन | फलाभ्याम् | फलैः चतुर्थी (को/के लिए): फलाय | फलाभ्याम् | फलेभ्यः पञ्चमी (से अलग): फलात् | फलाभ्याम् | फलेभ्यः षष्ठी (का/की/के): फलस्य | फलयोः | फलानाम् सप्तमी (में/पर): फले | फलयोः | फलेषु सम्बोधन (हे!): हे फल! | हे फले! | हे फलानि!

नपुंसकलिंग की विशेषताएं

नपुंसकलिंग (Neuter) के नियम:

  1. प्रथमा और द्वितीया विभक्ति एकसमान होती हैं
    • फलम् = फलम् (कर्ता और कर्म दोनों में)
  2. प्रथमा-द्वितीया द्विवचन: 'ए' प्रत्यय (फले)
  3. प्रथमा-द्वितीया बहुवचन: 'अनि' प्रत्यय (फलानि)
  4. तृतीया से सप्तमी तक राम शब्द जैसे ही रूप
  5. षष्ठी बहुवचन: फलानाम् (राम = रामाणाम्)

राम (पुल्लिंग) vs फल (नपुंसकलिंग) अंतर:

  • प्रथमा एकवचन: रामः vs फलम्
  • प्रथमा बहुवचन: रामाः vs फलानि
  • द्वितीया एकवचन: रामम् vs फलम् (same!)

अ-कारांत नपुंसकलिंग – समान पैटर्न

फल शब्द के रूप पर ये सभी नपुंसकलिंग शब्द चलते हैं:

  1. पुस्तकम् (book) – पुस्तकम्, पुस्तके, पुस्तकानि
  2. वनम् (forest) – वनम्, वने, वनानि
  3. जलम् (water) – जलम्, जले, जलानि
  4. पत्रम् (letter/leaf) – पत्रम्, पत्रे, पत्राणि
  5. मित्रम् (friend) – मित्रम्, मित्रे, मित्राणि
  6. नगरम् (city) – नगरम्, नगरे, नगराणि
  7. गृहम् (house) – गृहम्, गृहे, गृहाणि
  8. द्वारम् (door) – द्वारम्, द्वारे, द्वाराणि
  9. क्षेत्रम् (field) – क्षेत्रम्, क्षेत्रे, क्षेत्राणि
  10. शास्त्रम् (scripture) – शास्त्रम्, शास्त्रे, शास्त्राणि

विभक्तियों का प्रयोग – उदाहरण वाक्य

प्रथमा (कर्ता):

  • फलम् मधुरम् अस्ति। = फल मीठा है।
  • फलानि मधुराणि सन्ति। = फल (अनेक) मीठे हैं।

द्वितीया (कर्म):

  • बालकः फलम् खादति। = बालक फल खाता है।

तृतीया (साधन):

  • वृक्षः फलेन शोभते। = वृक्ष फल से सुशोभित होता है।

चतुर्थी (सम्प्रदान):

  • सः बालकाय फलाय ददाति। = वह बालक को फल देता है।

पञ्चमी (अपादान):

  • फलं वृक्षात् पतति। = फल वृक्ष से गिरता है।

षष्ठी (सम्बन्ध):

  • फलस्य रसः मधुरः अस्ति। = फल का रस मीठा है।

सप्तमी (स्थान):

  • बीजं फले भवति। = बीज फल में होता है।

परीक्षा उपयोगी बातें

याद रखें:

  1. नपुंसकलिंग की पहचान: प्रथमा = द्वितीया (समान रूप)
  2. बहुवचन में 'अनि' (फलानि, पुस्तकानि, वनानि)
  3. षष्ठी बहुवचन: 'आनाम्' (फलानाम्)
  4. सप्तमी बहुवचन: 'एषु' (फलेषु)

सामान्य गलतियाँ:

  • फलाः (गलत – यह पुल्लिंग बहुवचन है)
  • फलानि (सही – नपुंसकलिंग बहुवचन)
  • 'पुस्तक पढ़ता हूँ' → अहं पुस्तकं पठामि (पुस्तकम् = पुस्तकं)

संस्कृत वाक्य में 'म्' का 'ं' (अनुस्वार): फलम् → फलं (दोनों रूप मान्य हैं)

Questions and Answers

फल शब्द का लिंग क्या है?+

फल शब्द नपुंसकलिंग (Neuter Gender) है। यह अ-कारांत नपुंसकलिंग शब्द है।

फल शब्द का प्रथमा बहुवचन क्या है?+

फल शब्द का प्रथमा बहुवचन 'फलानि' है। नपुंसकलिंग बहुवचन में 'अनि' प्रत्यय लगता है।

नपुंसकलिंग की विशेषता क्या है?+

नपुंसकलिंग की विशेषता है कि प्रथमा और द्वितीया विभक्ति के रूप समान होते हैं। जैसे: फलम् (प्रथमा ए.) = फलम् (द्वितीया ए.), फले (दोनों द्वि.), फलानि (दोनों ब.)।

फल शब्द का षष्ठी एकवचन क्या है?+

फल शब्द का षष्ठी एकवचन 'फलस्य' है। अर्थ: फल का/की/के। उदाहरण: फलस्य रसः मधुरः। (फल का रस मीठा है।)

फल शब्द के रूप पर कौन से शब्द चलते हैं?+

फल शब्द के रूप पर चलने वाले शब्द: पुस्तक, वन, जल, पत्र, मित्र, नगर, गृह, द्वार, क्षेत्र, शास्त्र – सभी अ-कारांत नपुंसकलिंग शब्द।

'फलानि' का अर्थ क्या है?+

'फलानि' का अर्थ है 'फल' (बहुवचन में)। यह प्रथमा और द्वितीया दोनों बहुवचन का रूप है। जैसे: फलानि मधुराणि सन्ति। (फल मीठे हैं।)

फल का तृतीया एकवचन क्या है?+

फल का तृतीया एकवचन 'फलेन' है। अर्थ: फल से/के द्वारा। उदाहरण: वृक्षः फलेन शोभते। (वृक्ष फल से सुशोभित होता है।)

राम और फल शब्द के प्रथमा बहुवचन में क्या अंतर है?+

राम (पुल्लिंग) का प्रथमा बहुवचन: रामाः। फल (नपुंसकलिंग) का प्रथमा बहुवचन: फलानि। नपुंसकलिंग में 'अनि' प्रत्यय होता है, पुल्लिंग में 'आः'।

फल का सप्तमी बहुवचन क्या है?+

फल का सप्तमी बहुवचन 'फलेषु' है। अर्थ: फलों में। उदाहरण: फलेषु आम्रं सर्वोत्तमम्। (फलों में आम सर्वोत्तम है।)

फल का षष्ठी बहुवचन क्या है?+

फल का षष्ठी बहुवचन 'फलानाम्' है। अर्थ: फलों का/की/के। उदाहरण: फलानां राजा आम्रः अस्ति। (फलों का राजा आम है।)

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