नदी शब्द संस्कृत का ई-कारांत स्त्रीलिंग शब्द है। यह शब्द-रूप संस्कृत व्याकरण में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी पैटर्न पर अनेक स्त्रीलिंग शब्द चलते हैं: देवी, पृथ्वी, वाणी, गौरी, लक्ष्मी, पार्वती, भवानी। नदी शब्द के रूप सभी सात विभक्तियों और तीनों वचनों में जानना आवश्यक है।
नदी: ई-कारांत स्त्रीलिंग शब्द
प्रथमा एकवचन: नदी; बहुवचन: नद्यः
सम्बोधन एकवचन: हे नदि! (ह्रस्व इ, दीर्घ ई नहीं)
षष्ठी बहुवचन: नदीनाम् (नदियों का/की/के)
तृतीया एकवचन: नद्या (नदी के द्वारा/से)
समान पैटर्न: देवी, पृथ्वी, वाणी, लक्ष्मी, गौरी
सप्तमी बहुवचन: नदीषु (नदियों में)
द्वितीया एकवचन: नदीम् (नदी को)
विभक्ति | एकवचन | द्विवचन | बहुवचन
प्रथमा (कौन/क्या): नदी | नद्यौ | नद्यः द्वितीया (को): नदीम् | नद्यौ | नदीः तृतीया (से/के द्वारा): नद्या | नदीभ्याम् | नदीभिः चतुर्थी (को/के लिए): नद्यै | नदीभ्याम् | नदीभ्यः पञ्चमी (से अलग): नद्याः | नदीभ्याम् | नदीभ्यः षष्ठी (का/की/के): नद्याः | नद्योः | नदीनाम् सप्तमी (में/पर): नद्याम् | नद्योः | नदीषु सम्बोधन (हे!): हे नदि! | हे नद्यौ! | हे नद्यः!
तुलना राम शब्द (पुल्लिंग अ-कारांत) से:
नदी शब्द के रूपों पर ये सभी स्त्रीलिंग शब्द चलते हैं:
नियम: किसी भी दीर्घ ई-कारांत स्त्रीलिंग शब्द के रूप इसी पैटर्न पर होते हैं।
प्रथमा (कर्ता):
द्वितीया (कर्म):
तृतीया (साधन/करण):
चतुर्थी (सम्प्रदान):
पञ्चमी (अपादान/अलग):
षष्ठी (सम्बन्ध):
सप्तमी (अधिकरण/स्थान):
सबसे अधिक पूछे जाने वाले रूप:
याद रखने की तरकीब:
नदी शब्द का प्रथमा बहुवचन 'नद्यः' है। इसका अर्थ है: नदियाँ।
नदी शब्द का षष्ठी एकवचन 'नद्याः' है। इसका अर्थ है: नदी का/की/के।
'हे नदि!' सम्बोधन (आठवीं विभक्ति) एकवचन का रूप है। ध्यान दें: सम्बोधन एकवचन में ई नहीं, बल्कि ह्रस्व 'इ' होता है।
नदी शब्द के रूप सभी ई-कारांत स्त्रीलिंग शब्दों पर लागू होते हैं: देवी, पृथ्वी, वाणी, लक्ष्मी, गौरी, पार्वती, सखी, नारी।
नदी शब्द की सप्तमी एकवचन 'नद्याम्' है। अर्थ: नदी में/पर। उदाहरण: नद्याम् मत्स्याः सन्ति। (नदी में मछलियाँ हैं।)
नदी के तृतीया बहुवचन का रूप 'नदीभिः' है। अर्थ: नदियों के द्वारा/से।
'नदीनाम्' षष्ठी बहुवचन का रूप है। अर्थ: नदियों का/की/के।
राम (अ-कारांत पुल्लिंग) का षष्ठी एकवचन: रामस्य। नदी (ई-कारांत स्त्रीलिंग) का षष्ठी एकवचन: नद्याः। दोनों का अर्थ 'का/की/के' है लेकिन प्रत्यय अलग हैं।
नदी का द्विवचन प्रथमा 'नद्यौ' है। अर्थ: दो नदियाँ।
ई-कारांत शब्दों में जब प्रत्यय स्वर से शुरू होता है, तो दीर्घ ई 'य्' में बदल जाती है: नदी + औ = नद्यौ, नदी + अः = नद्यः, नदी + आः = नद्याः। यह संधि का नियम है।
राजन् शब्द रूप संस्कृत – सम्पूर्ण विभक्ति तालिका (Rajan Shabd Roop)
Rajan Shabd Roop in Sanskrit: राजन् (नकारांत पुल्लिंग) शब्द के सातों विभक्तियों और तीनों वचनों में रूप। पूरी विभक्ति तालिका के साथ संस्कृत व्याकरण।
Ram Shabd Roop in Sanskrit — राम शब्द रूप सभी विभक्तियों में
Ram shabd roop in Sanskrit — all 7 vibhakti and 3 vachan forms of Ram (राम) shabda. Complete declension table for class 6, 7, 8, 9, 10 Sanskrit students.
साधु शब्द रूप (Sadhu Shabd Roop in Sanskrit)
Learn the Sadhu Shabd Roop (साधु शब्द रूप) in Sanskrit grammar. Complete declension table for U-karant Puling (उकारान्त पुँल्लिङ्ग) words.
सेव् धातु रूप संस्कृत – सभी लकार (Sev Dhatu Roop)
Sev Dhatu Roop in Sanskrit: सेव् (सेवा करना) धातु के रूप लट्, लृट्, लङ्, लोट् और विधिलिङ् लकार में। भ्वादिगण आत्मनेपद धातु रूप पूरी जानकारी।
What is Uppad Vibhakti? (Sanskrit Grammar)
Learn the meaning of Uppad Vibhakti (उपपद विभक्ति) in Sanskrit grammar. Understand how specific words (like Namah, Saha, Vina) change the case of nouns.
Turn this guide into revision flashcards, a practice exam, or an AI-generated podcast — free, no signup required.