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औपचारिक पत्र का प्रारूप (Aupcharik Patra Format)

हिंदी में पत्र दो प्रकार के होते हैं: औपचारिक पत्र (Formal Letters) और अनौपचारिक पत्र (Informal Letters). औपचारिक पत्र सरकारी, व्यावसायिक या शैक्षणिक संस्थाओं को लिखे जाते हैं।

Question (Click to Flip)

औपचारिक पत्र कैसे लिखते हैं?

Answer

औपचारिक पत्र का प्रारूप: दिनांक → सेवा में (प्राप्तकर्ता) → विषय → महोदय/महोदया → मुख्य सामग्री → भवदीय → नाम और पद।

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Key Facts

औपचारिक पत्र: सरकारी/व्यावसायिक/शैक्षणिक।

समापन: 'भवदीय' (पुरुष) / 'भवदीया' (स्त्री)।

अनौपचारिक पत्र का समापन: 'तुम्हारा मित्र' / 'आपका पुत्र'।

CBSE: कक्षा 6 से 10 में पत्र-लेखन अनिवार्य।

औपचारिक पत्र का मानक प्रारूप

दिनांक: [दिन/माह/वर्ष] (ऊपर दाईं ओर)

सेवा में, [पदनाम] [संस्था का नाम] [शहर]

विषय: [एक पंक्ति में पत्र का उद्देश्य]

महोदय/महोदया,

[प्रथम अनुच्छेद: अपना परिचय और पत्र लिखने का कारण] [द्वितीय अनुच्छेद: मुख्य बात विस्तार से] [अंतिम अनुच्छेद: अनुरोध और धन्यवाद]

भवदीय / भवदीया [आपका नाम] [कक्षा / पद] [दिनांक]

नमूना पत्र – प्रधानाचार्य को अवकाश हेतु

दिनांक: 09 मई 2026

सेवा में, प्रधानाचार्य महोदय, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हैदराबाद।

विषय: बीमारी के कारण अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय में कक्षा 9 'अ' का छात्र रवि कुमार (क्रमांक 15) हूँ। मुझे कल रात से तेज़ बुखार है। डॉक्टर ने तीन दिन के पूर्ण विश्राम की सलाह दी है।

अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे 9 मई से 11 मई 2026 तक का अवकाश प्रदान किया जाए।

धन्यवाद।

आपका आज्ञाकारी शिष्य रवि कुमार कक्षा 9 'अ', क्रमांक 15

Questions and Answers

औपचारिक पत्र कैसे लिखते हैं?+

औपचारिक पत्र का प्रारूप: दिनांक → सेवा में (प्राप्तकर्ता) → विषय → महोदय/महोदया → मुख्य सामग्री → भवदीय → नाम और पद।

'भवदीय' और 'भवदीया' में क्या अंतर है?+

'भवदीय' पुरुष के लिए और 'भवदीया' स्त्री के लिए — दोनों का अर्थ 'Yours sincerely' होता है।

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