Study Guides/Hindi/Yamak Alankar (यमक अलंकार)
Study Guide · Hindi

यमक अलंकार की परिभाषा और उदाहरण (Yamak Alankar)

हिंदी व्याकरण और साहित्य में अलंकारों का बहुत महत्व है। 'यमक अलंकार' शब्दालंकार का एक प्रमुख भेद है जो कविता की सुंदरता को बढ़ाता है।

Question (Click to Flip)

यमक और अनुप्रास अलंकार में क्या अंतर है?

Answer

अनुप्रास अलंकार में किसी एक 'वर्ण' (अक्षर) की आवृत्ति होती है (जैसे: चारु चंद्र की चंचल किरणें)। जबकि यमक अलंकार में पूरे 'शब्द' की आवृत्ति होती है और हर बार अर्थ अलग होता है।

Card 1 of 1 free previews

Key Facts

यमक अलंकार एक 'शब्दालंकार' है।

यमक का अर्थ होता है 'युग्म' या 'जोड़ा'।

इसमें एक शब्द की आवृत्ति होती है और अर्थ भिन्न होते हैं।

1. यमक अलंकार की परिभाषा

जब किसी कविता या काव्य में एक ही शब्द का प्रयोग दो या दो से अधिक बार हो, लेकिन हर बार उसका अर्थ अलग-अलग हो, तो वहाँ यमक अलंकार होता है।

2. यमक अलंकार का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण

"कनक कनक ते सौगुनी, मादकता अधिकाय। वा खाए बौराये नर, वा पाए बौराये।"

स्पष्टीकरण: इस दोहे में 'कनक' शब्द दो बार आया है।

  • पहले 'कनक' का अर्थ है: धतूरा (एक नशीला पौधा)।
  • दूसरे 'कनक' का अर्थ है: सोना (Gold)। कवि कहता है कि सोने में धतूरे से सौ गुना अधिक नशा होता है, क्योंकि धतूरे को तो खाने के बाद इंसान पागल होता है, लेकिन सोने (धन) को तो केवल पाने मात्र से ही इंसान पागल (अहंकारी) हो जाता है।

3. अन्य उदाहरण

"काली घटा का घमंड घटा।"

  • पहली 'घटा': बादल (Clouds)
  • दूसरी 'घटा': कम होना (Decreased)

"तीन बेर खाती थी वे, तीन बेर खाती है।"

  • पहला 'बेर': समय या बार (Times)
  • दूसरा 'बेर': एक प्रकार का फल (Plum fruit)

Questions and Answers

यमक और अनुप्रास अलंकार में क्या अंतर है?+

अनुप्रास अलंकार में किसी एक 'वर्ण' (अक्षर) की आवृत्ति होती है (जैसे: चारु चंद्र की चंचल किरणें)। जबकि यमक अलंकार में पूरे 'शब्द' की आवृत्ति होती है और हर बार अर्थ अलग होता है।

More in Hindi

Study Smarter with Shinyu.ai

Turn this guide into revision flashcards, a practice exam, or an AI-generated podcast — free, no signup required.