Study Guides/Hindi/Karuna Ras in Hindi
Study Guide · Hindi

करुण रस – परिभाषा, अवयव, उदाहरण (Karuna Ras in Hindi)

करुण रस हिंदी के नौ रसों में से एक है। इसका स्थायी भाव 'शोक' है। जहाँ काव्य में किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु, विनाश, या असाध्य कष्ट का वर्णन होता है और हृदय में शोक-भाव जागृत होता है, वहाँ करुण रस होता है। तुलसीदास की रामचरितमानस में राम के वनगमन पर दशरथ की मृत्यु का प्रसंग करुण रस का अमर उदाहरण है।

Question (Click to Flip)

करुण रस का स्थायी भाव क्या है?

Answer

करुण रस का स्थायी भाव 'शोक' है। किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु, विनाश, या अपूरणीय हानि से उत्पन्न गहरे दुख को शोक कहते हैं।

Card 1 of 3 free previews

Key Facts

करुण रस का स्थायी भाव: शोक

आलम्बन: मृत प्रियजन, नष्ट वस्तु

अनुभाव: रोना, विलाप, मूर्च्छा

करुण रस के देवता: यम

वर्ण: कपोत (कबूतर) रंग

तुलसीदास की दशरथ-मृत्यु प्रसंग – सर्वश्रेष्ठ उदाहरण

निराला की 'सरोज स्मृति' – आधुनिक करुण काव्य

मृत्यु/नाश से शोक → करुण; बिछड़ने से दुख → वियोग श्रृंगार

करुण रस की परिभाषा

जब काव्य में किसी प्रिय व्यक्ति या वस्तु के नाश, मृत्यु, या अपूरणीय क्षति का वर्णन हो और पाठक/श्रोता के हृदय में 'शोक' नामक स्थायी भाव उत्पन्न हो, तब करुण रस की अभिव्यक्ति होती है। यह रस दर्शक/पाठक को रुलाता है और हृदय को द्रवित करता है।

करुण रस के अवयव

स्थायी भाव: शोक

आलम्बन विभाव: मृत या बिछड़ा हुआ प्रियजन, नष्ट हुई वस्तु, कारण जो शोक उत्पन्न करे

उद्दीपन विभाव: मृतक के वस्त्र, उसकी याद, खाली कुर्सी, शोकगीत, उजड़ा घर, बच्चों का रोना

अनुभाव: रोना, आँसू बहाना, विलाप करना, भूमि पर गिरना, छाती पीटना, मूर्च्छा

व्यभिचारी/संचारी भाव: स्मृति, दीनता, विषाद, उद्वेग, मोह, ग्लानि, जड़ता, निर्वेद, अपस्मार

करुण रस के उदाहरण

उदाहरण 1 (तुलसीदास – रामचरितमानस): दशरथ-मरण प्रसंग "राम राम कहि राम कहि, राम राम कहि राम। तनु परिहरि रघुबर बिरह, राउ गयउ सुरधाम।।" स्पष्टीकरण: राजा दशरथ राम के नाम का उच्चारण करते हुए देह त्यागते हैं। यह शोक का चरम उदाहरण है।

उदाहरण 2 (सुमित्रानंदन पंत): "वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। उमड़ कर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान।।"

उदाहरण 3 (मीराबाई – वियोग में): "मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई। जाके सिर मोर मुकुट, मेरो पति सोई।"

उदाहरण 4 (महादेवी वर्मा): "मैं नीर भरी दुख की बदली, विस्तृत नभ का कोना-कोना, मेरा न कभी अपना होना।।"

करुण रस और वियोग श्रृंगार में अंतर

यह परीक्षा का महत्वपूर्ण प्रश्न है:

करुण रस:

  • स्थायी भाव: शोक
  • कारण: मृत्यु, नाश, अपूरणीय हानि
  • कोई पुनर्मिलन संभव नहीं
  • उदाहरण: दशरथ की मृत्यु, पुत्र-शोक

वियोग श्रृंगार:

  • स्थायी भाव: रति (प्रेम)
  • कारण: प्रेमी-प्रेमिका का बिछड़ना
  • मिलन की संभावना है
  • उदाहरण: राधा का कृष्ण वियोग

मुख्य नियम: 'क्या पुनर्मिलन होगा?' – नहीं → करुण; हाँ/संभव → वियोग श्रृंगार।

करुण रस के प्रमुख कवि

  1. तुलसीदास – दशरथ-मृत्यु, सीता-हरण प्रसंग (रामचरितमानस)
  2. महादेवी वर्मा – छायावादी कविता में करुणा और विषाद
  3. सुमित्रानंदन पंत – प्रकृति-चित्रण में शोक भाव
  4. जयशंकर प्रसाद – कामायनी में मनु का विषाद
  5. निराला – 'सरोज स्मृति' (पुत्री की मृत्यु पर विलाप)
  6. मैथिलीशरण गुप्त – 'यशोधरा' में बुद्ध-वियोग में करुणा

परीक्षा उपयोगी बातें

  1. करुण रस = शोक स्थायी भाव
  2. वियोग श्रृंगार से मत मिलाओ – मृत्यु है तो करुण
  3. निराला की 'सरोज स्मृति' – हिंदी की सर्वश्रेष्ठ शोक-कविता
  4. करुण रस के देवता: यम
  5. वर्ण: कपोत (कबूतर के रंग का)

पहचान के संकेत:

  • मृत्यु, वनवास, विपत्ति, अपूरणीय हानि → करुण
  • रोना, विलाप, मूर्च्छा → करुण के अनुभाव
  • 'नाश हो गया, फिर नहीं मिलेगा' → करुण

Questions and Answers

करुण रस का स्थायी भाव क्या है?+

करुण रस का स्थायी भाव 'शोक' है। किसी प्रिय व्यक्ति की मृत्यु, विनाश, या अपूरणीय हानि से उत्पन्न गहरे दुख को शोक कहते हैं।

करुण रस की परिभाषा दीजिए।+

जब काव्य में किसी प्रिय के नाश, मृत्यु या अपूरणीय विपत्ति का वर्णन हो और पाठक के हृदय में शोक-भाव उत्पन्न हो, तब करुण रस होता है। यह रस हृदय को द्रवित करता है।

करुण रस का उदाहरण दीजिए।+

तुलसीदास (रामचरितमानस): 'राम राम कहि राम कहि, राम राम कहि राम। तनु परिहरि रघुबर बिरह, राउ गयउ सुरधाम।।' – यहाँ दशरथ की मृत्यु का वर्णन है, शोक स्थायी भाव जागृत है।

करुण रस और वियोग श्रृंगार में क्या अंतर है?+

करुण रस में मृत्यु या अपूरणीय हानि होती है (शोक स्थायी भाव), पुनर्मिलन असंभव। वियोग श्रृंगार में प्रेमी-प्रेमिका का अस्थायी बिछड़ना होता है (रति स्थायी भाव), पुनर्मिलन की आशा होती है।

निराला की 'सरोज स्मृति' किस रस की रचना है?+

निराला की 'सरोज स्मृति' करुण रस की रचना है। इसमें कवि ने अपनी पुत्री सरोज की असामयिक मृत्यु पर गहरे शोक का वर्णन किया है। यह हिंदी की सर्वश्रेष्ठ शोक-कविताओं में से एक मानी जाती है।

करुण रस के अनुभाव कौन से हैं?+

करुण रस के अनुभाव: रोना, आँसू बहाना, विलाप करना, भूमि पर गिर पड़ना, छाती पीटना, बाल नोचना, मूर्च्छा, आर्तनाद। ये सभी शोक को बाहरी रूप से व्यक्त करने वाली क्रियाएं हैं।

करुण रस के प्रमुख कवि कौन हैं?+

करुण रस के प्रमुख कवि: तुलसीदास (रामचरितमानस), निराला (सरोज स्मृति), महादेवी वर्मा (छायावादी विषाद), जयशंकर प्रसाद (कामायनी), मैथिलीशरण गुप्त (यशोधरा)।

करुण रस की पहचान कैसे करें?+

करुण रस की पहचान: 1) मृत्यु, नाश, विपत्ति का वर्णन, 2) पुनर्मिलन असंभव हो, 3) रोना, विलाप, मूर्च्छा के अनुभाव, 4) 'हाय', 'आह', 'बिछड़ गया' जैसे शब्द। स्थायी भाव 'शोक' होना चाहिए।

करुण रस के देवता कौन हैं?+

करुण रस के देवता 'यम' (मृत्यु के देवता) हैं। इसका वर्ण कपोत (कबूतर के रंग का – भूरा-स्लेटी) है।

करुण रस के व्यभिचारी भाव कौन से हैं?+

करुण रस के व्यभिचारी (संचारी) भाव: विषाद, दीनता, स्मृति, मोह, उद्वेग, जड़ता, ग्लानि, निर्वेद, अपस्मार (बेहोशी)। ये भाव शोक को और प्रगाढ़ बनाते हैं।

More in Hindi

🇮🇳

वाक्याचे प्रकार (Types of Sentences in Marathi)

मराठी व्याकरण: वाक्याचे प्रकार — विधानार्थी, प्रश्नार्थी, उद्गारार्थी, आणि आज्ञार्थी वाक्यांची परिभाषा व उदाहरणे।

🇮🇳

वाक्य के भेद (Types of Sentences in Hindi)

हिंदी व्याकरण: वाक्य के भेद — रचना के आधार पर (सरल, संयुक्त, मिश्र) और अर्थ के आधार पर (8 प्रकार)। उदाहरण सहित।

🇮🇳

वाक्य के कितने भेद होते हैं? (Types of Sentences in Hindi)

हिंदी व्याकरण में वाक्य के भेद जानें। रचना के आधार पर (सरल, संयुक्त, मिश्र वाक्य) और अर्थ के आधार पर (विधानवाचक, प्रश्नवाचक आदि) वाक्यों के प्रकार उदाहरण सहित।

🇮🇳

वाक्यांश के लिए एक शब्द (One Word Substitution in Hindi)

हिंदी व्याकरण: महत्वपूर्ण वाक्यांशों के लिए एक शब्द की सूची। परीक्षाओं के लिए 50+ वाक्यांश एवं उनके एकल शब्द।

🇮🇳

वर्णमाला किसे कहते हैं? (Varnmala Kise Kahate Hain) - परिभाषा और भेद

हिंदी व्याकरण में वर्णमाला किसे कहते हैं? वर्णों के प्रकार, स्वर और व्यंजन के बारे में पूरी जानकारी। Learn about Hindi Varnmala with examples.

Study Smarter with Shinyu.ai

Turn this guide into revision flashcards, a practice exam, or an AI-generated podcast — free, no signup required.