Study Guides/Hindi/Chaupai Ka Udaharan (चौपाई के उदाहरण)
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चौपाई की परिभाषा और प्रसिद्ध उदाहरण (Chaupai Ka Udaharan)

हिंदी व्याकरण और काव्यशास्त्र (छंद ज्ञान) में 'चौपाई' एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाला मात्रिक छंद है। गोस्वामी तुलसीदास जी ने 'रामचरितमानस' और 'हनुमान चालीसा' की रचना मुख्य रूप से चौपाई छंद में ही की है।

Question (Click to Flip)

चौपाई और दोहा में क्या अंतर है?

Answer

चौपाई के हर चरण में 16 मात्राएँ होती हैं। जबकि दोहा एक अर्ध-सम मात्रिक छंद है, जिसके पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ, और दूसरे तथा चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।

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Key Facts

चौपाई को गाते समय एक लय (rhythm) और प्रवाह बनता है, जो इसे प्रार्थना और महाकाव्यों के लिए सबसे उपयुक्त बनाता है।

दोहा और चौपाई मिलकर ही अवधी और ब्रज भाषा के अधिकांश साहित्यों का निर्माण करते हैं।

1. चौपाई की परिभाषा (Definition)

चौपाई एक सम मात्रिक छंद है।

  • इसमें 4 चरण (Lines) होते हैं।
  • प्रत्येक चरण में 16 मात्राएँ (Matras) होती हैं।
  • चरण के अंत में जगण (ISI) और तगण (SSI) का आना वर्जित माना जाता है (यानी अंत में दो गुरु (SS) या दो लघु (II) आना अच्छा माना जाता है)।

2. प्रसिद्ध उदाहरण (Famous Examples)

उदाहरण 1: (हनुमान चालीसा से) जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। (16 मात्राएँ) जय कपीस तिहुँ लोक उजागर।। (16 मात्राएँ) राम दूत अतुलित बल धामा। (16 मात्राएँ) अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।। (16 मात्राएँ)

उदाहरण 2: (रामचरितमानस से) बंदउँ गुरु पद पदुम परागा। सुरुचि सुबास सरस अनुरागा।। अमिय मूरिमय चूरन चारू। समन सकल भव रुज परिवारू।।

3. मात्राएँ कैसे गिनें?

  • लघु (।) = 1 मात्रा: अ, इ, उ, ऋ की मात्रा वाले अक्षर (जैसे क, कि, कु)।
  • गुरु (S) = 2 मात्राएँ: आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ की मात्रा वाले अक्षर, और अनुस्वार/विसर्ग (जैसे का, की, कौ, कं, कः)।

Questions and Answers

चौपाई और दोहा में क्या अंतर है?+

चौपाई के हर चरण में 16 मात्राएँ होती हैं। जबकि दोहा एक अर्ध-सम मात्रिक छंद है, जिसके पहले और तीसरे चरण में 13-13 मात्राएँ, और दूसरे तथा चौथे चरण में 11-11 मात्राएँ होती हैं।

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