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धर्मनिरपेक्षता क्या है? (What is Secularism in Hindi)

भारत एक विविधताओं वाला देश है जहाँ हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और अन्य कई धर्मों के लोग एक साथ रहते हैं। इस एकता को बनाए रखने के लिए भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्षता' (Secularism) शब्द को जोड़ा गया है।

Question (Click to Flip)

क्या सरकारी स्कूलों में किसी एक धर्म की प्रार्थना हो सकती है?

Answer

नहीं। धर्मनिरपेक्षता के नियम के अनुसार, कोई भी सरकारी स्कूल या सरकारी संस्था जो पूरी तरह से टैक्स के पैसों से चलती है, वहां किसी विशेष धर्म की पूजा या शिक्षा नहीं दी जा सकती।

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Key Facts

मूल संविधान में 'धर्मनिरपेक्ष' शब्द नहीं था। इसे 1976 में 42वें संविधान संशोधन (42nd Amendment) के द्वारा संविधान की प्रस्तावना (Preamble) में जोड़ा गया था।

संविधान का अनुच्छेद 25 से 28 (Article 25-28) सभी नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता का मौलिक अधिकार देता है।

1. धर्मनिरपेक्षता का अर्थ (Meaning)

धर्मनिरपेक्षता (Dharmnirpekshta) का सीधा अर्थ है राज्य (सरकार) और धर्म को एक-दूसरे से अलग रखना।

  • इसका मतलब है कि देश या सरकार का अपना कोई 'राष्ट्रीय धर्म' (Official Religion) नहीं होगा।
  • सरकार की नज़र में सभी धर्म समान होंगे और वह किसी भी एक धर्म का न तो पक्ष लेगी और न ही उसका विरोध करेगी।

2. धर्मनिरपेक्षता क्यों महत्वपूर्ण है? (Importance)

  • बहुसंख्यक वाद को रोकना: यदि देश धर्मनिरपेक्ष नहीं होगा, तो जिस धर्म के लोगों की संख्या ज़्यादा है (Majority), वे कम संख्या वाले (Minority) लोगों पर हावी हो जाएंगे और उनके साथ भेदभाव करेंगे।
  • धार्मिक स्वतंत्रता: यह हर नागरिक को यह आज़ादी देता है कि वह अपनी मर्जी से किसी भी धर्म को मान सकता है, पूजा कर सकता है, या यदि वह चाहे तो किसी भी धर्म को नहीं मान सकता (नास्तिक)।
  • लोकतंत्र की रक्षा: एक सच्चा लोकतंत्र तभी काम कर सकता है जब कानून के सामने सभी नागरिक समान हों, चाहे उनका धर्म कुछ भी हो।

3. भारतीय धर्मनिरपेक्षता vs पश्चिमी धर्मनिरपेक्षता

अमेरिका या फ्रांस में धर्मनिरपेक्षता का मतलब है सरकार धर्म के मामलों में बिल्कुल भी दखल नहीं देगी (Strict Separation)। लेकिन भारतीय धर्मनिरपेक्षता थोड़ी अलग है। भारत में सरकार सभी धर्मों से समान दूरी बनाए रखती है, लेकिन यदि किसी धर्म के नाम पर बुराई या छुआछूत (जैसे सती प्रथा या तीन तलाक) हो रही है, तो भारतीय सरकार उसे रोकने के लिए धर्म में सकारात्मक दखल (Intervene) दे सकती है।

Questions and Answers

क्या सरकारी स्कूलों में किसी एक धर्म की प्रार्थना हो सकती है?+

नहीं। धर्मनिरपेक्षता के नियम के अनुसार, कोई भी सरकारी स्कूल या सरकारी संस्था जो पूरी तरह से टैक्स के पैसों से चलती है, वहां किसी विशेष धर्म की पूजा या शिक्षा नहीं दी जा सकती।

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