विवरण चिह्न (:) का प्रयोग तब किया जाता है जब किसी शब्द, वाक्यांश या कथन के बाद उसका विस्तार, विवरण या सूची देनी हो। इसे अंग्रेज़ी में 'colon' कहते हैं।
विवरण चिह्न (:) का प्रयोग विवरण, सूची या परिभाषा से पहले होता है।
इसे अंग्रेज़ी में 'colon' कहते हैं।
संवाद में वक्ता के नाम के बाद विवरण चिह्न लगता है।
समय लिखने में भी विवरण चिह्न का प्रयोग होता है (जैसे ८:३०)।
यह विराम चिह्न (:) से अलग है जो रुकने का नहीं, विवरण का संकेत है।
परिभाषा: जब किसी शब्द/वाक्यांश के बाद उसका विवरण, सूची, परिभाषा या स्पष्टीकरण देना हो, तब विवरण चिह्न (:) लगाते हैं।
प्रयोग के नियम: १. सूची देने से पहले २. परिभाषा देने से पहले ३. उदाहरण देने से पहले ४. कहानी/पाठ में संवाद के साथ ५. समय लिखने में (जैसे — ५:३० बजे)
उदाहरण १ (सूची): फलों के नाम : आम, केला, सेब, अंगूर, संतरा।
उदाहरण २ (सूची): सप्ताह के दिन : सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार।
उदाहरण ३ (परिभाषा/विवरण): संज्ञा : किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान या भाव के नाम को संज्ञा कहते हैं।
उदाहरण ४ (कारण/स्पष्टीकरण): वह स्कूल नहीं आया : कारण उसे बुखार था।
उदाहरण ५ (संवाद में): शिक्षक : आज का पाठ याद किया? छात्र : जी, हाँ।
उदाहरण ६ (समय): कक्षा का समय : प्रातः ८:०० से दोपहर २:०० बजे तक।
उदाहरण ७ (रचना परिचय): कवि : तुलसीदास रचना : रामचरितमानस भाषा : अवधी
उदाहरण ८ (निष्कर्ष): निष्कर्ष : परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।
उदाहरण ९ (कारण): परिणाम : प्रथम स्थान प्राप्त किया।
उदाहरण १० (उद्धरण से पहले): गाँधी जी का कथन : 'सत्य ही ईश्वर है।'
जब किसी शब्द के बाद उसका विवरण, सूची या परिभाषा देनी हो, तब विवरण चिह्न (:) लगाते हैं। जैसे — 'फल : आम, केला, सेब।'
१. ऋतुओं के नाम : ग्रीष्म, वर्षा, शरद, शीत। २. शिक्षक : क्या तुमने पाठ पढ़ा?
पूर्ण विराम (।) वाक्य के अंत में लगता है। विवरण चिह्न (:) विवरण या सूची देने से पहले लगता है।
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