विहार यात्रा (भ्रमण यात्रा / school excursion) का वर्णन करते हुए मित्र को पत्र लिखना हिंदी पत्र-लेखन का एक सामान्य विषय है। इसमें यात्रा का विवरण, देखी गई जगहें और अनुभव बताए जाते हैं।
विहार यात्रा पत्र में यात्रा का विवरण, स्थान, अनुभव और संदेश होता है।
मित्र को अनौपचारिक पत्र: प्रारूप — पता, तारीख, प्रिय मित्र, विषय, समापन।
औपचारिक पत्र: अनुमति के लिए प्रधानाचार्य को।
यात्रा वर्णन में स्थान, सौंदर्य, ऐतिहासिक महत्त्व और भावनाएँ लिखें।
भाषा सरल, रोचक और भावपूर्ण होनी चाहिए।
मकान नं. 7, सुभाष नगर, आगरा — 282001 20 मई, 2025
प्रिय मित्र विकास,
सप्रेम नमस्ते। तुम्हारा पत्र मिला, बड़ी प्रसन्नता हुई। तुमने पूछा था कि विद्यालय की ओर से हुई यात्रा कैसी रही — आज उसी का विवरण लिख रहा हूँ।
पिछले सप्ताह हमारे विद्यालय ने दिल्ली-आगरा की तीन दिवसीय शैक्षणिक यात्रा आयोजित की। हम सब सुबह छह बजे बस में सवार हुए। यात्रा में हमारे साथ पाँच शिक्षक भी थे।
पहले दिन हम आगरा पहुँचे और ताजमहल देखा। सफेद संगमरमर पर सूर्य की रोशनी में ताजमहल की सुंदरता अतुलनीय थी। मैं पहली बार इतना विशाल और भव्य स्मारक देख रहा था — मन प्रसन्न हो गया। हमने आगरा किला और फतेहपुर सीकरी भी देखी।
दूसरे दिन हम दिल्ली गए। राष्ट्रीय संग्रहालय, इंडिया गेट और लाल किला देखे। इंडिया गेट पर शहीदों के नाम देखकर मन श्रद्धा से भर गया।
तीसरे दिन वापसी की यात्रा में हम सब गाने गाते, खेलते हुए लौटे। यह यात्रा जीवन की अविस्मरणीय यादों में से एक बन गई।
तुम्हारे विद्यालय में भी ऐसी यात्रा होती हो तो अवश्य जाना।
घर में सभी को मेरा नमस्ते।
तुम्हारा मित्र, सौरभ
सेवा में, श्रीमान प्रधानाचार्य जी, केंद्रीय विद्यालय, जयपुर।
विषय: विद्यालय भ्रमण यात्रा की अनुमति हेतु।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम कक्षा दसवीं के विद्यार्थी इस बार वार्षिक विहार यात्रा के रूप में जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों — आमेर किला, हवामहल, जंतर-मंतर और सिटी पैलेस का भ्रमण करना चाहते हैं।
यह यात्रा हमारे इतिहास और सामाजिक विज्ञान विषय के पाठ्यक्रम के लिए भी लाभदायक होगी।
आपसे विनम्र निवेदन है कि इस भ्रमण यात्रा की अनुमति प्रदान करें और आवश्यक व्यवस्था करने में सहयोग दें।
आपका आज्ञाकारी, रमेश कुमार कक्षा प्रतिनिधि, दसवीं 'अ' दिनांक: 10 मई, 2025
मित्र को अनौपचारिक पत्र में: पता, तारीख, प्रिय मित्र, भूमिका, यात्रा का विवरण (स्थान, अनुभव, सुंदरता), समापन, नाम।
यात्रा कब गए, कहाँ गए, क्या-क्या देखा, क्या अनुभव हुआ, यात्रा से क्या सीखा — ये सब बातें लिखते हैं।
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विशेषण: जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताए। 4 भेद: गुणवाचक, परिमाणवाचक, संख्यावाचक, सार्वनामिक। परिभाषा और उदाहरण सहित।
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