अपठित काव्यांश में एक अनदेखी कविता दी जाती है और उस पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इसमें कविता की समझ, भावार्थ, शब्द-अर्थ और काव्य-सौंदर्य परखा जाता है। परीक्षा में यह 10-12 अंकों का होता है।
अपठित काव्यांश में अनदेखी कविता पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा में भावार्थ, शब्द-अर्थ, अलंकार और संदेश पूछे जाते हैं।
कविता दो बार ध्यान से पढ़कर मुख्य भाव समझें।
उपमा अलंकार में 'जैसे/सा/सी' होता है।
रूपक में एक वस्तु को दूसरी बता दिया जाता है।
काव्यांश:
परिश्रम करो, थकान न मानो, सफलता का पथ कठिन है जानो। गिरो तो उठो, रुको मत कभी, मंज़िल मिलती है, चाहे जब भी।।
काँटों में भी राह बनाओ, हिम्मत की दीपक को जलाओ। रात के बाद भोर आती है, मेहनत ही फल को लाती है।।
प्रश्न और उत्तर:
प्र. १: इस कविता का मुख्य विषय क्या है? उत्तर: इस कविता का मुख्य विषय परिश्रम और दृढ़ता का महत्त्व है। कवि कहता है कि मेहनत और हिम्मत से ही सफलता मिलती है।
प्र. २: 'काँटों में राह बनाओ' से कवि का क्या तात्पर्य है? उत्तर: कठिनाइयों और बाधाओं के बावजूद अपना रास्ता बनाते रहो। कठिनाइयाँ (काँटे) रोक नहीं सकतीं।
प्र. ३: 'रात के बाद भोर आती है' पंक्ति का आशय स्पष्ट कीजिए। उत्तर: कठिन समय (रात) के बाद अच्छा समय (भोर) अवश्य आता है। निराश नहीं होना चाहिए।
प्र. ४: 'हिम्मत की दीपक जलाओ' में कौन सा अलंकार है? उत्तर: रूपक अलंकार — हिम्मत को दीपक बताया गया है।
प्र. ५: इस कविता से क्या संदेश मिलता है? उत्तर: परिश्रम, धैर्य और दृढ़ संकल्प से सफलता अवश्य मिलती है।
काव्यांश:
नदी बहती जा, रुकती नहीं, पत्थर आएँ तो झुकती नहीं। चट्टानों से टकरा-टकराकर, नया राह बनाती जाती है।।
ज़िंदगी भी है नदी जैसी, बाधाएँ आती हैं वैसी। डर के रुकना नहीं हमें, आगे बढ़ते रहना है हमें।।
प्रश्न और उत्तर:
प्र. १: नदी की क्या विशेषता बताई गई है? उत्तर: नदी रुकती नहीं, झुकती नहीं। पत्थरों और चट्टानों से टकराकर भी अपना रास्ता बना लेती है।
प्र. २: कवि ने ज़िंदगी की तुलना किससे की है और क्यों? उत्तर: कवि ने ज़िंदगी की तुलना नदी से की है, क्योंकि जैसे नदी बाधाओं के बावजूद बहती रहती है, उसी तरह जीवन में भी बाधाओं से नहीं रुकना चाहिए।
प्र. ३: 'ज़िंदगी भी है नदी जैसी' में कौन सा अलंकार है? उत्तर: उपमा अलंकार — ज़िंदगी की तुलना नदी से 'जैसी' शब्द के माध्यम से की गई है।
प्र. ४: कविता का उचित शीर्षक लिखिए। उत्तर: 'जीवन की राह' या 'बाधाओं से मत डरो' या 'नदी-सी ज़िंदगी' — कोई भी उचित शीर्षक।
प्र. ५: 'चट्टानों से टकरा-टकराकर' पंक्ति में कौन सा अलंकार है? उत्तर: पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार — 'टकरा-टकराकर' में एक ही क्रिया की पुनरावृत्ति।
परीक्षा में अपठित काव्यांश हल करने के लिए:
१. पहले पूरी कविता ध्यान से दो बार पढ़ें। २. मुख्य भाव/विषय समझें। ३. कठिन शब्दों का संदर्भ से अर्थ लगाएँ। ४. प्रश्न पढ़कर उत्तर अपने शब्दों में लिखें। ५. अलंकार पहचान के लिए: उपमा (जैसे/सा/सी), रूपक (बिना तुलना-शब्द के), अनुप्रास (एक व्यंजन की आवृत्ति)। ६. शीर्षक पूछा जाए तो कविता का मुख्य भाव एक-दो शब्दों में लिखें। ७. उत्तर संक्षिप्त और स्पष्ट होने चाहिए।
भावार्थ/आशय, शब्द-अर्थ, अलंकार पहचान, शीर्षक, और कविता का संदेश — ये मुख्य प्रकार के प्रश्न होते हैं।
पहले कविता दो बार पढ़ें, मुख्य भाव समझें, फिर प्रश्न पढ़कर संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर अपने शब्दों में लिखें।
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