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राजनीश का संधि विच्छेद — Rajnish ka Sandhi Vichchhed

राजनीश (Rajnish) एक संधि शब्द है। इसका संधि विच्छेद है: राजनि + ईश। यह स्वर संधि का एक प्रकार — दीर्घ संधि (Deergha Sandhi) का उदाहरण है। राजनीश का अर्थ है 'रात का स्वामी' अर्थात चंद्रमा।

Question (Click to Flip)

राजनीश का संधि विच्छेद क्या है?

Answer

राजनीश का संधि विच्छेद है: राजनि + ईश। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है (इ + ई = ई)। राजनीश का अर्थ है रात का स्वामी (चंद्रमा)।

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Key Facts

राजनीश का संधि विच्छेद: राजनि + ईश।

संधि का प्रकार: स्वर संधि — दीर्घ संधि (इ + ई = ई)।

राजनीश का अर्थ: रात का स्वामी = चंद्रमा।

दीर्घ संधि नियम: जब 'इ/ई' के बाद 'इ/ई' आए तो 'ई' (दीर्घ) हो जाता है।

यह स्वर संधि के अंतर्गत आता है।

राजनीश का संधि विच्छेद

शब्द: राजनीश (Rajneesh / Rajnish) संधि विच्छेद: राजनि + ईश

विश्लेषण: • राजनि = रात का (राजनी = रात; रजनी/राजनी का संबंध कारक रूप) • ईश = स्वामी / ईश्वर • राजनि + ईश = रात का स्वामी = चंद्रमा

संधि का प्रकार: स्वर संधि → दीर्घ संधि (Deergha Sandhi)

नियम: जब 'इ' या 'ई' के बाद 'इ' या 'ई' आए तो दोनों मिलकर 'ई' (दीर्घ) हो जाते हैं। इ + ई = ई राजनि (अंत में 'इ') + ईश (प्रारंभ में 'ई') = राजनीश ('ई' दीर्घ)

दीर्घ संधि का नियम

दीर्घ संधि (Deergha Sandhi) नियम: • अ + अ = आ | जैसे: राम + अवतार = रामावतार • अ + आ = आ | जैसे: देव + आलय = देवालय • आ + अ = आ | जैसे: विद्या + अर्थी = विद्यार्थी • आ + आ = आ | जैसे: विद्या + आलय = विद्यालय • इ + इ = ई | जैसे: गिरि + इन्द्र = गिरींद्र • इ + ई = ई | जैसे: राजनि + ईश = राजनीश ✓ • ई + इ = ई | जैसे: मही + इन्द्र = महींद्र • ई + ई = ई | जैसे: नदी + ईश = नदीश • उ + उ = ऊ | जैसे: लघु + उत्तर = लघूत्तर • उ + ऊ = ऊ | जैसे: लघु + ऊर्मि = लघूर्मि

राजनीश शब्द का अर्थ

राजनीश = राजनि + ईश • राजनी / रजनी = रात (Sanskrit: रात्रि) • ईश = स्वामी / राजा / ईश्वर • राजनीश = रात का स्वामी = चंद्रमा

चंद्रमा के अन्य पर्यायवाची नाम: • शशि, इंदु, चाँद, विधु, सोम, मृगांक, सुधाकर, हिमकर

Questions and Answers

राजनीश का संधि विच्छेद क्या है?+

राजनीश का संधि विच्छेद है: राजनि + ईश। यह दीर्घ संधि का उदाहरण है (इ + ई = ई)। राजनीश का अर्थ है रात का स्वामी (चंद्रमा)।

राजनीश में कौन सी संधि है?+

राजनीश में स्वर संधि (दीर्घ संधि) है। राजनि के अंत में 'इ' और ईश के प्रारंभ में 'ई' मिलकर 'ई' (दीर्घ) बन जाते हैं। नियम: इ + ई = ई।

राजनीश का क्या अर्थ है?+

राजनीश का अर्थ है 'रात का स्वामी'। राजनि = रात (रजनी/राजनी), ईश = स्वामी/राजा। इसलिए राजनीश = चंद्रमा (रात का राजा/स्वामी)।

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