1960 के दशक में, भारत एक बहुत ही भयंकर कृषि संकट और भुखमरी से गुज़र रहा था। हमारे देश के पास अपनी पूरी आबादी को खिलाने के लिए पर्याप्त अनाज नहीं था, और हम पूरी तरह से अमेरिका से आयात किए गए खराब गेहूं पर निर्भर थे। इस संकट से देश को निकालने का सबसे बड़ा श्रेय एक महान भारतीय वैज्ञानिक को जाता है।
भारत में हरित क्रांति के जनक (Father of Green Revolution in India) डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन (Dr. M.S. Swaminathan) हैं।
भारत में हरित क्रांति के जनक: डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन (Dr. M.S. Swaminathan)।
विश्व में हरित क्रांति के जनक: डॉ. नॉर्मन बोरलॉग (Norman Borlaug)।
शुरुआत: भारत में हरित क्रांति 1965 से 1968 के बीच शुरू हुई।
सबसे अधिक फायदा: इस क्रांति का सबसे बड़ा फायदा 'गेहूं' (Wheat) और 'चावल' (Rice) की खेती को हुआ।
मुख्य राज्य: हरित क्रांति सबसे पहले पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लागू की गई थी।
हरित क्रांति (1965-1968) भारत के कृषि इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव था। इसमें डॉ. स्वामीनाथन ने मैक्सिको से उन्नत किस्म के गेहूं के बीज (High Yielding Variety - HYV) मंगवाए। उन्होंने पंजाब और हरियाणा के किसानों को इन बीजों का इस्तेमाल करने, आधुनिक ट्रैक्टर्स का उपयोग करने, और रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) को डालने की ट्रेनिंग दी। नतीजा यह हुआ कि भारत में गेहूं का उत्पादन रातों-रात तीन गुना बढ़ गया। हमारा देश अनाज के मामले में पूरी तरह से आत्मनिर्भर (Self-sufficient) बन गया।
उनका पूरा नाम 'मनकोम्बु सांबशिवन स्वामीनाथन' था। वह एक महान जेनेटिक्स वैज्ञानिक (कृषि वैज्ञानिक) थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारतीय किसानों की स्थिति सुधारने और विज्ञान के माध्यम से भूखमरी मिटाने में लगा दिया। उनके इस महान काम के लिए उन्हें 'पद्म विभूषण' और 'रेमन मैग्सेसे पुरस्कार' से सम्मानित किया गया था।
यदि परीक्षा में प्रश्न पूछा जाए कि पूरी दुनिया (World) में हरित क्रांति का जनक किसे माना जाता है, तो उत्तर होगा: नॉर्मन बोरलॉग (Norman Borlaug)। नॉर्मन बोरलॉग एक अमेरिकी वैज्ञानिक थे जिन्होंने सबसे पहले 'बौने गेहूं' (Dwarf Wheat) की उन्नत किस्म की खोज की थी, और डॉ. स्वामीनाथन ने भारत में उनके साथ मिलकर ही काम किया था।
भारत में हरित क्रांति के जनक महान कृषि वैज्ञानिक डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन (M.S. Swaminathan) को माना जाता है।
पूरी दुनिया के स्तर पर हरित क्रांति का जनक अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. नॉर्मन बोरलॉग (Norman Borlaug) को कहा जाता है।
हरित क्रांति के कारण भारत में सबसे अधिक पैदावार 'गेहूं' (Wheat) की फसल में बढ़ी।
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