Study Guides/Hindi/Bhayanak Ras Ka Udaharan — भयानक रस का सरल उदाहरण
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भयानक रस — सरल उदाहरण

भयानक रस में भय की अनुभूति होती है। इसका स्थायीभाव 'भय' है। जब काव्य में भयंकर दृश्य, खतरनाक जानवर, या भयावह परिस्थिति का वर्णन हो जिससे मन में डर उत्पन्न हो, तो भयानक रस होता है।

Question (Click to Flip)

भयानक रस का स्थायीभाव क्या है?

Answer

भयानक रस का स्थायीभाव 'भय' है।

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Key Facts

भयानक रस का स्थायीभाव 'भय' है।

प्रसिद्ध उदाहरण: 'एक ओर अजगरसिंह लखि, एक ओर मृगराय...'

आलंबन विभाव: शेर, अजगर, भूत, अँधेरा।

अनुभाव: काँपना, बेहोश होना, पसीना आना।

भयानक रस में डर की भावना उत्पन्न होती है।

भयानक रस की परिभाषा

परिभाषा: जहाँ भयंकर वस्तु, व्यक्ति या परिस्थिति का वर्णन हो जिससे मन में भय की अनुभूति हो, वहाँ भयानक रस होता है।

स्थायीभाव: भय आलंबन विभाव: शेर, सर्प, भूत, दुश्मन, अँधेरा उद्दीपन विभाव: जंगल, रात, गर्जना, अंधकार अनुभाव: काँपना, चिल्लाना, बेहोश होना, भागना संचारी भाव: आशंका, चिंता, मोह, त्रास

भयानक रस के सरल उदाहरण

उदाहरण १ (सबसे प्रसिद्ध): "एक ओर अजगरसिंह लखि, एक ओर मृगराय। बिकल बटोही बीच ही, परयो मूरछा खाय।।"

भावार्थ: एक राहगीर एक ओर अजगर और दूसरी ओर शेर देखकर बीच में ही भय से बेहोश हो गया। स्थायीभाव: भय।

उदाहरण २ (सरल): "घने जंगल में अँधेरी रात थी, चारों ओर जानवरों की आवाज़ें थीं। डर के मारे शरीर काँपने लगा, कदम बढ़ाने की हिम्मत न रही।"

उदाहरण ३: "अट्टालिका से झाँककर देखा जो नीचे, सिर चकराया, आँखें बंद हो गईं। हाथ-पाँव शिथिल पड़ गए, भय से हृदय धड़कने लगा।"

Questions and Answers

भयानक रस का स्थायीभाव क्या है?+

भयानक रस का स्थायीभाव 'भय' है।

भयानक रस का सबसे आसान उदाहरण क्या है?+

'एक ओर अजगरसिंह लखि, एक ओर मृगराय। बिकल बटोही बीच ही, परयो मूरछा खाय।।' — एक राहगीर एक तरफ अजगर और दूसरी तरफ शेर देखकर भय से बेहोश हो जाता है।

भयानक रस में कौन से अनुभाव होते हैं?+

काँपना, पसीना आना, चिल्लाना, भागना, बेहोश होना — ये भयानक रस के अनुभाव हैं।

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